अब तुम पे है भरोसा जागो ज़रा हनुमान रे
जागो जागो बजरंग जागो जागो
जागो जागो हनुमत जागो जागो।।
अब तुम पे है भरोसा
जागो ज़रा हनुमान रे।।
जागो जागो बजरंग जागो जागो
जागो जागो हनुमत जागो जागो।।
अब तुम पे है भरोसा
आए वानारो की शान
जागो ज़रा हनुमान रे
जागो ज़रा हनुमान रे।।
बाल पन में तुमने रवि मुख मे दबाया
हार कर के तब इंद्रा ने तब वज्रा चलाया
क्यू भूलते हो बजरंग सब कुछ तुम्हे है ज्ञान
जागो ज़रा हनुमान रे
जागो ज़रा हनुमान रे।।
जागो जागो बजरंग जागो जागो
जागो जागो हनुमत जागो जागो।।
समुद्रा तुमको लाघना है एक सोयोजन
सब भूख से मार जाएँगे बिना भोजन
सुग्रीव के आदेश का तोड़ा तो करो भान
जागो ज़रा हनुमान रे
जागो ज़रा हनुमान रे।।
गर्जना करी सुने जब जांवंत ने
माता की सुधि लौंगा तब ही मिलेगा चैन
जो तुम कहो तो भाई रवाँ की लेलू जान
जागो ज़रा हनुमान रे
जागो ज़रा हनुमान रे।।
जागो जागो बजरंग जागो जागो
जागो जागो हनुमत जागो जागो।।
पप्पू शर्मा इतना करना सुधि मत की लाना
कैसी है लंका नागरी पूरी देखते आना
फिर उड़ चले है बजरंग कर रामजी का ध्यान
जागो ज़रा हनुमान रे
जागो ज़रा हनुमान रे।।
अब तुम पे है भरोसा
आए वानारो की शान
जागो ज़रा हनुमान रे
जागो ज़रा हनुमान रे।।

