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आई भादो की वो रात

  • Aayi Bhado Ki Wo Raat

आई भादो की वो रात, जिसमे जन्मे कृष्ण मुरारी-०२
जिसमें जन्मे कृष्ण मुरारी, वो गोवेर्धन गिरधारी-०२
आई भादो की वो रात, जिसमे जन्मे कृष्ण मुरारी।

आठे की तिथि आई, घनघोर घटायें छाई-०२
वो थी कंश की कारागार, जिसमें जन्मे कृष्ण मुरारी-०२
आई भादो की वो रात, जिसमे जन्मे कृष्ण मुरारी-०२
जिसमें जन्मे कृष्ण मुरारी, वो गोवेर्धन गिरधारी,
आई भादो की वो रात, जिसमे जन्मे कृष्ण मुरारी।

देवकी ने जायो कन्हाई, वासुदेव ने लियों उठाई-०२
ले जाने नन्द के द्वार, जहाँ पलेंगे कृष्ण मुरारी,
आई भादो की वो रात, जिसमे जन्मे कृष्ण मुरारी,
यमुना जी बढ़ बढ़ आई, छूने को चरण कन्हाई-०२
लिए उनके चरण पखार, लटकाये चरण मुरारी,
आई भादो की वो रात, जिसमे जन्मे कृष्ण मुरारी।

सुलायो पलने में कन्हाई, उठाई गोद में महामाई-०२
मारी कान्हा ने किलकार, जहाँ प्रगटे कृष्ण कन्हाई,
आई भादो की वो रात, जिसमे जन्मे कृष्ण मुरारी।

यशोदा ने ललना जायो, नन्द बाबा ने हर्ष मनायो-०२
हो रही जय जयकार, जहाँ प्रगटे कृष्ण कन्हाई,
आई भादो की वो रात, जिसमे जन्मे कृष्ण मुरारी।

और इसे भी देखें : यशोदा मैया दे दो बधाई

मैया फूली नहीं समायी, नन्द गाँव में होत बधाई-०२
लुटाएं नन्द जी मोतियन हार, जहाँ प्रगटे कृष्ण कन्हाई,
आई भादो की वो रात, जिसमे जन्मे कृष्ण मुरारी,
जिसमें जन्मे कृष्ण मुरारी, वो गोवेर्धन गिरधारी-०२
आई भादो की वो रात, जिसमे जन्मे कृष्ण मुरारी-०२


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