आया तेरे द्वारे रे बाबा भोग करो स्वीकार
आया तेरे द्वारे रे बाबा भोग करो स्वीकार
भोग लगाने आयो रे बाबा भोग करो स्वीकार
श्रद्धा संग है थाल सजायो भोग करो स्वीकार।।
तू ही तो मेहंदीपुर वाला सालासर सरकार
श्रद्धा संग है थाल सजायो भोग करो स्वीकार।।
तेरे नाम को दीप जलाऊ गंगा जल से चरण धुलाऊ
रज रज थारो दर्शन पाउ बजरंगी तोपे वारी जाऊ
बूंदी लाडू मेवा लायो भर भर तोरे द्वार
श्रद्धा संग है थाल सजायो भोग करो स्वीकार।।
चरणों में है माहरी अर्जी शीश दया का हाथ तू दर से
नाम रटु थारो सांझ सवेरे मनोकामना पूरी कर दे
भेट चड़ाउ तोहे बाबा मंगल और शनिवार
श्रद्धा संग है थाल सजायो भोग करो स्वीकार।।
कर दी नैया तेरे हवाले सुन ले लाल लंगोटे वाले
सदा तुम्हारा साथ निभाना अपने भक्त न बिसरना
थारे भरोसे म्हारे बाला अब पालो परिवार
श्रद्धा संग है थाल सजायो भोग करो स्वीकार।।
