आँखों में बसे हो तुम

  • Aankhon Mein Base Ho Tum

आँखों में बसे हो तुम, धड़कन में धड़कते हो,
कुछ ऐसा करो मोहन, सांसो में समा जाओ-०२
जब भी मैं अकेला होता, नाम तेरा गुनगुनाता,
तेरी यादों की छाया में, मन मेरा खो जाता,
हर पल तेरा दीदार मिले, बस यही अरमान है,
मेरे हर एक ख्वाब में मोहन, बस तेरा हीं नाम है,
मेरे दिल की हर धड़कन में, बस तेरा हीं साया हो,
कुछ ऐसा करो मोहन, सांसो में समा जाओ।

तेरी मुरली की धुन सुनकर, ये जग सारा भूल जाऊं,
तेरी सूरत में हीं मोहन, अपना रब मैं पाऊं,
तेरी कृपा की बारिश में, जीवन मेरा भीग जाए,
तेरे चरणों की धूल से, हर दुःख मेरा मिट जाए,
मेरे जीवन के अँधेरे में, तुम दीपक बन जाओ,
कुछ ऐसा करो मोहन, सांसो में समा जाओ।

तेरी लीला अपरम्पार है,, समझ ना कोई पाए,
जो भी तेरे दर पे आया, खाली हाथ ना जाए,
मेरे भी आँगन में आकर, प्रेम का दीप जलाओ,
सुने मन मंदिर में आकर, अपना वास बनाओ,
मेरे हर एक कर्म में मोहन, तुम्हीं नजर आओ,
कुछ ऐसा करो मोहन, सांसो में समा जाओ।

लोकप्रिय श्री कृष्ण भजन: गोविन्द बोलो हरी गोपाल बोलो

जब भी आँखें बंद करूँ मैं, बस तेरा हीं चेहरा हो,
हर जनम में तेरा हीं संग, बस इतना सा मेरा हो,
तेरे बिना ये जीवन मोहन, जैसे सुना सावन है,
तू हीं मेरी पूजा है, और तू हीं मेरा जीवन हैं,
मेरे हर एक आंसू को तुम, खुशियों में बदल जाओ,
कुछ ऐसा करो मोहन, सांसो में समा जाओ।

दिल की हर पुकार में, तेरा हीं नाम है,
मेरे हर ख्याल में, तेरा हीं धाम है,
तेरे बिना कुछ भी नहीं, सबकुछ तू हीं है,
मेरे जीवन का, हर एक सुकुन तू हीं है,
अब तो आ भी जाओ मोहन, देर ना लगाओ,
कुछ ऐसा करो मोहन, सांसो में समा जाओ,
आँखों में बसे हो तुम, धड़कन में धड़कते हो,
कुछ ऐसा करो मोहन, सांसो में समा जाओ,
सांसो में समा जाओ, मेरे दिल में समा जाओ।


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