आज दिवाली आई है
दीप जला दो घर को सजा दो, आज दिवाली आई है-०२
हो दीप जला दो घर को सजा दो, आज दिवाली आई है,
दीप जला दो घर को सजा दो, आज दिवाली आई है,
हो श्री राम की सूरत प्यारी,
श्री राम की प्यारी सूरत,
हो सीता माँ की सूरत प्यारी,
सीता माँ की सूरत प्यारी, झूम रही आयोध्या सारी,
दीप जला दो घर को सजा दो, आज दिवाली आई है-०२
अवध सजी है धूम मची है, खुशियों की शहनाई है-०२
हो चौदह बरस की रातें बीती,
चौदह बरस की रातें बीती, ख़त्म हुई तन्हाई है,
दीप जला दो घर को सजा दो, आज दिवाली आई है-०२
माथे चन्दन हाथ धनुष और, मुख पर तेज निराला है-०२
सीता मैया संग विराजे,
सीता मैया संग विराजे, राम आयोध्या आए हैं,
दीप जला दो घर को सजा दो, आज दिवाली आई है,
हो दीप जला दो घर को सजा दो, आज दिवाली आई है,
दीप जला दो घर को सजा दो, आज दिवाली आई है,
हो श्री राम की सूरत प्यारी,
श्री राम की प्यारी सूरत,
हो सीता माँ की सूरत प्यारी,
सीता माँ की सूरत प्यारी, झूम रही आयोध्या सारी,
दीप जला दो घर को सजा दो, आज दिवाली आई है-०२
अवध सजी है धूम मची है, खुशियों की शहनाई है-०२
हो चौदह बरस की रातें बीती,
चौदह बरस की रातें बीती, ख़त्म हुई तन्हाई है,
दीप जला दो घर को सजा दो, आज दिवाली आई है-०२
और इसे भी सुनें : देखो राम आये
माथे चन्दन हाथ धनुष और, मुख पर तेज निराला है-०२
सीता मैया संग विराजे,
सीता मैया संग विराजे, राम आयोध्या आये हैं,
दीप जला दो घर को सजा दो, आज दिवाली आई है-०४

