आ जाओ लक्ष्मी मैया
जय हो जय हो लक्ष्मी मैया, जय हो जय हो-०२
ओ लक्ष्मी मैया, लक्ष्मी मैया।
आ जाओ लक्ष्मी मैया, घर मेरे आ जाओ,
घर में मेरे आके, सोये भाग्य जगा जाओ,
पैरों को कुमकुम से सजाके, छम छम करती आ जाओ,
जीवन में खुशियों का दीपक, फिर से जला जाओ,
देखते हैं राह तुम्हारी, तुम्हीं से है आस हमारी,
फिर से एक बार मैया, दर्श दिखा जाओ,
आ जाओ लक्ष्मी मैया, घर मेरे आ जाओ,
घर में मेरे आके, सोये भाग्य जगा जाओ।
अपने घर के हर कोने को, हमने खुद हीं संवारा है,
गंगाजल से अपना आँगन, तेरे लिए बुहारा है,
द्वार पे मेरे लटक रहे फूलों के वंदनवार है,
धुप दीप अक्षत रोली के थाल भी तैयार है,
सुखों के भण्डार तुम्हीं हो, शांति के फ़ुहार तुम्हीं हो,
आके फिर से दीपों का त्यौहार मना जाओ,
आ जाओ लक्ष्मी मैया, घर मेरे आ जाओ,
घर में मेरे आके, सोये भाग्य जगा जाओ।
लाल चुनरिया गोटेवाली, तुझको आज चढ़ाएंगे,
तुझको खूब सजाकर मैया, तेरी नज़र उतारेंगे,
तेरे आने से घर मेरा, जगमग जगमग चमकेगा,
तेरी खुशबू से घर आँगन फूलों जैसा महकेगा,
अपना समझकर आना, जल्दी फिर ना वापस जाना,
एक बार फिर से अपना प्यार लुटा जाओ,
आ जाओ लक्ष्मी मैया, घर मेरे आ जाओ,
घर में मेरे आके, सोये भाग्य जगा जाओ।
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तुमसे हम क्या मांगे, तुम तो बिन मांगे सब देती हो,
अपने भक्तों की पीड़ा, बिन बोले हीं हर लेती हो,
तेरा आशीर्वाद है हमपर, हम कितने धनवान हैं,
तू हीं माता तू हीं दाता, तू हीं कृपा निधान है,
हम तो हैं संतान तुम्हारी, तू हो मैया सबकी प्यारी,
नैया तुम हमारी आके पार लगा जाओ,
आ जाओ लक्ष्मी मैया, घर मेरे आ जाओ,
घर में मेरे आके, सोये भाग्य जगा जाओ-०२
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