घर में पधारो कुबेर जी
आओ जरा कुबेर जी, घर में पधारो आज-०२
कर दो थोड़ी कृपा हमपर,
कर दो थोड़ी कृपा हमपर, पुरे कर दो काज,
आओ जरा कुबेर जी, घर में पधारो आज-०२
मैं हीं नहीं ये सारी, दुनिया हीं तुमको जाने,
हीरे मोतियों से, तेरे भरे खजाने,
मैं हीं नहीं ये सारी, दुनिया हीं तुमको जाने,
हीरे मोतियों से, तेरे भरे खजाने,
तेरी दया से आ जाता है,
तेरी दया से आ जाता है, निर्धन के सिर ताज,
आओ जरा कुबेर जी, घर में पधारो आज-०२
बैठा हूँ सिर झुकाये, आसन तेरा लगाया,
बालक हूँ मैं भी तेरा, समझो नहीं पराया,
बैठा हूँ सिर झुकाये, आसन तेरा लगाया,
बालक हूँ मैं भी तेरा, समझो नहीं पराया,
अब तो खोलो तुम दरवाजे,
अब तो खोलो तुम दरवाजे, क्यों बैठे नाराज,
आओ जरा कुबेर जी, घर में पधारो आज-०२
तेरे बिना तो कुछ भी, देता नहीं दिखाई,
सुन लो जरा बिसरिया, देता है क्यों दुहाई,
तेरे बिना तो कुछ भी, देता नहीं दिखाई,
सुन लो जरा बिसरिया, देता है क्यों दुहाई,
काशी कार्तिक छेद रहा है,
कशी कार्तिक छेद रहा है, मीठे सुर और साज,
आओ जरा कुबेर जी, घर में पधारो आज-०४


