करवा चौथ माता रखना सुहाग अमर
करवा चौथ माता रखना सुहाग अमर,
मेरे साजन की लम्बी हो उम्र,
तेरी पूजा करूँ, तेरे चरणों में झूकूं,
माता पूरी करना मेरी हर उमंग,
करवा चौथ माता रखना सुहाग अमर,
मेरे साजन की लम्बी हो उम्र ।
सुबह-सुबह सरगी मैं खाऊं,
तेरा नाम लेकर व्रत अपनाऊं,
हाथों में मेहंदी, माथे पे बिंदिया,
साजन के नाम की सजाऊं मैं चुनरिया,
लाल जोड़े में सजकर मैं आऊं,
तेरे दर पे शीश झुकाऊं ,
मेरी मांग का सिन्दूर रहे सदा,
मेरे घर में खुशियों का हो बसेरा,
करवा चौथ माता रखना सुहाग अमर,
मेरे साजन की लम्बी हो उम्र।
सिर सोने की साँकली गल मोतियन को हार,
चाँद सूरज ने अरग दियो, जियो वीर भरतार,
चौथ माता से विनती बारम्बार.
सदा सुहागन मैं रहूं, अमर रहे हमारा प्यार,
करवा चौथ माता रखना सुहाग अमर,
मेरे साजन की लम्बी हो उम्र।
दिनभर निर्जल व्रत मैं रखूं,
मन हीं मन साजन का मुखड़ा तकूँ,
चूड़ी खनके और पायल बाजे,
मेरे पिया के संग जीवन सजे,
तेरी कथा सून तेरी ज्योत जलाऊं,
रोली अक्षत से तिलक लगाऊं,
मेरे साजन पर कृपा बरसाना,
हर संकट से उनको बचाना,
करवा चौथ माता रखना सुहाग अमर,
मेरे साजन की लम्बी हो उम्र।
चंदा निकले, मन हर्षाये,
साजन की सूरत, नैनों में समाये,
छलनी में से चाँद निहारूं,
फिर अपने पिया का मुखड़ा निहारूं,
पिया के हाथों से जल मैं पियूं,
उनके संग हर सुख दुःख मेँ जियूं,
जन्म जन्म का साथ मिले माँ,
प्यार हमारा सदा खिले माँ,
करवा चौथ माता रखना सुहाग अमर,
मेरे साजन की लम्बी हो उम्र।
सात जन्म का बंधन हमारा,
पिया हीं जीवन, पिया हीं सहारा,
उनकी हंसी से आँगन महके,
उनके क़दमों से भाग्य चमके,
सुख सम्पति से घर भर देना,
प्रेम की डोरी मजबूत करना,
मेरे परिवार पे रखना छाया,
तेरी शरण मेँ सुख मैं पाया,
करवा चौथ माता रखना सुहाग अमर,
मेरे साजन की लम्बी हो उम्र।
जो भी सुहागिन तेरा ध्यान लगाए,
श्रद्धा से तेरी कथा सुनाए,
उसके जीवन मेँ सुख बरसाना,
उसके सुहाग की रक्षा करना,
माता रानी इतनी विनती बनी रहे, पिया से मेरी प्रीत,
जबतक चंदा अम्बर में चमके, प्यार हमारा यूँ हीं दमके.
करवा चौथ माता रखना सुहाग अमर,
मेरे साजन की लम्बी हो उम्र।
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तेरी कृपा रहे आठों पहर,
मेरे साजन की लम्बी हो उम्र,
हे करवा चौथ माता।

