मत जाओ छोड़ के मैया सूना ये आँगन होगा
नौ दिन जो खुशियां बिखेरीं, आज वो बेला आयी,
कैलाश को चलती भवानी, होती नैनों से विदाई।
मत जाओ छोड़ के मैया, सूना ये आँगन होगा,
तेरे बिना शेरोंवाली, रोता हर एक जन होगा,
मत जाओ छोड़ के मैया, सूना ये आँगन होगा,
तेरे बिना शेरोंवाली, रोता हर एक जन होगा।
मत जाओ छोड़ के मैया, सूना ये आँगन होगा,
तेरे बिना शेरोंवाली, रोता हर एक जन होगा,
कैलाश सिधारो दाती, आँखों में आंसू भर के,
अगले बरस फिर आना, हाथ दया का धर के,
मत जाओ छोड़ के मैया, सूना ये आँगन होगा-०२
बेटी बनके जो आई, कैसा ये नेह निभाया,
घड़ी विदाई की आई, दिल ये मेरा भर आया,
सिन्दूर का टीका ला के, हम तो विदा करावे,
कदम कदम पे दाती, नैनों से नीर बहावे,
जाते-जाते दे जाओ आशीष, सुखमय जीवन होगा,
मत जाओ छोड़ के मैया, सूना ये आँगन होगा-०३
तेरे बिना शेरोंवाली, रोता हर एक जन होगा।
पावन जल में विसर्जित, होगी जो दिव्य मूरत,
मन के मंदिर में चमके, तेरी ये पावन सूरत,
भूल चूक जो हमसे हुई, माफ़ वो करना माता,
बच्चे हैं हम तो अज्ञानी, तू हीं भाग्य विधाता,
रखना ख्याल हमारा, जबतक ना संगम होगा,
मत जाओ छोड़ के मैया, सूना ये आँगन होगा।
और इस भजन को भी देखें: आज की रात रुक जाना ओ मैया
अगले बरस तू जल्दी आ,
माँ दुर्गे, माँ दुर्गे….
छोड़ के हमको यूँ ना जा,
माँ दुर्गे, माँ दुर्गे, माँ दुर्गे,
बोलो सांचे दरबार की जय,
जय माता दी, जय माता दी ,
कैलाश सिधारो दाती,
अगले बरस फिर आना,
मत जाओ छोड़ के मैया, सूना ये आँगन होगा।
