हमरा अंगना में आयीं जी

  • Hamra Angna Mein Aayin Ji

बोलअ बोलअ गणपति महाराज की- जय !

जय जय हो जय जय हो, जय जय गणपति महाराज !

मंगल के दाता रउआ, बिगड़ी बनायीं जी-०२
गौरी के ललना, हमरा अंगना में आयीं जी-०२
गौरी के ललना हमरा,
आसन लगायीं आ के, शोभा बढ़ायीं जी-०२
गौरी के ललना, हमरा अंगना में आयीं जी-०२
गौरी के ललना हमरा।

सब देवता में रउआ पहिले पुजाईले,
भगतन के टेर सुनी देर ना लगाईले,

हो हो सब देवता में रउआ पहिले पुजाईले,
भगतन के टेर सुनी देर ना लगाईले,
मूष पर सवार होके, दरश देखायीं जी,
गौरी के ललना, हमरा अंगना में आयीं जी-०२
गौरी के ललना हमरा।

जहाँ रउआ जायीं, अन्न धन बरसेला,
सिद्ध होला काज, सब विघ्न कटेला,

हाँ हाँ जहाँ रउआ जायीं, अन्न धन बरसेला,
सिद्ध होला काज, सब विघ्न कटेला,
शुभ लाभ रिद्धि सिद्धि, संग में ले आयीं जी-०२
गौरी के ललना, हमरा अंगना में आयीं जी-०२
गौरी के ललना हमरा।

और इस भजन को भी देखें : शत शत वंदन गौरी नंदन

श्रद्धा बा मन में, करब राउर सेवा,
थारी में सजावले बानी, लड्डू पंचमेवा,

हाँ हाँ श्रद्धा बा मन में, करब राउर सेवा,
थारी में सजावले बानी, लड्डू पंचमेवा,
हाली-हाली लड्डू बनके, भोगवा लगायीं जी-०२
गौरी के ललना, हमरा अंगना में आयीं जी-०४
गौरी के ललना हमरा।


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