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नवरात्र आ गईल

  • Navratra Aa Gail

अपने निमिया डढ़िया हिले,
फूल उड़हुलवा खिले,
अपने निमिया डढ़िया हिले, फूल उड़हुलवा खिले,
अरे माई दिलवा में जगे जज्वात, त बुझिहा नवरात आ गईल,
देवी माई दर्शन दिहें साक्षात, त बुझिहा नवरात आ गईल।

रहिया बहारी लोग करेला तैयारिया,
सबके घरवा आई दर्शन देवेली मायरिया,
हो ओ ओ ओ
रहिया बहारी लोग करेला तैयारिया,
सबके घरवा आई दर्शन देवेली मायरिया,
सुरुज के किरिनिया चमके, छत लवंगिया गमके,
सगरे भगती के होखे बरसात, त बुझिहा नवरात आ गईल,
देवी माई दर्शन दिहें साक्षात, त बुझिहा नवरात आ गईल।

इस भजन को भी देखें: मईया बाड़ी सुकवार

स्वर्ग से धरती पर होइ आगमन हो,
पा के दर्शन प्रसन्न होइ मन हो,
हो ओ ओ ओ
स्वर्ग से धरती पर होइ आगमन हो,
पा के दर्शन प्रसन्न होइ मन हो,
अंगना लिपाये लागी, कलशा धराये लागी,
भजन गावे लगीहें कालू आकाश, त बुझिहा नवरात आ गईल,
देवी माई दर्शन दिहें साक्षात, त बुझिहा नवरात आ गईल।


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