जुग जुग जिए हमरे ललनवा
प्रेम से बोलिये जितवाहन बाबा की-जय !
हो ओ ओ ओ…
हो ओ ओ ओ…
जुग जुग जिए जागे हमरे ललनवा, भरल रहे अंगनवा ना-०२
भरल रहे अंगनवा ना,
कइलीं जितिया वरतिया, भरल रहे अंगनवा ना-०२
हो ओ ओ ओ
कइलीं जितिया वरतिया, भरल रहे अंगनवा ना,
चिल्हो सियारिन के सुनीं कहानिया,
कइलीं वरत दुनो साथे बहिनिया,
कइलीं उपवास चिल्हो, विधि विधानिया,
तोड़ी वरत सियारिन पी लिहलीं पनिया,
निर्जल उपवास रहके कइलीं पुजनवा, भरल रहे अंगनवा ना-०२
भरल रहे अंगनवा ना,
करीं जितिया वरतिया, भरल रहे अंगनवा ना,
कइलीं जितिया वरतिया, भरल रहे अंगनवा ना।
वरत के फल चिल्हो, शीलवती पावलीं,
सुघड़ सुघड़ सात सूत जन्मावलीं,
उधर सियारिन घरे रोव रोवालीं,
बचल ना एको ललना लाखो उपाई,
खर जिउतिया के जे करे लगनवा, भरल रहे अंगनवा ना-०२
भरल रहे अंगनवा ना,
करीं जितिया वरतिया, भरल रहे अंगनवा ना,
कइलीं जितिया वरतिया, भरल रहे अंगनवा ना।
इसे अवश्य सुनें : जीतिया कथा (चील और सियारिन)
चिल्हो के सातो ललना दिहलस मुआइ,
काहे सियारिन मुड़ी धर अलगाइ,
कृपा जिउतवाहन जी चिल्हो पर कइलीं,
माटी के धड़ बना के जीवित कै देइलीं,
कथा जिउतिया के सुनि जे ध्यानवा, भरल रहे अंगनवा ना-०२
भरल रहे अंगनवा ना,
करीं जितिया वरतिया, भरल रहे अंगनवा ना,
कइलीं जितिया वरतिया, भरल रहे अंगनवा ना।
