यूँ ना जाओ छोड़कर
यूँ ना जाओ छोड़कर, हे गणपति अपना घर-०२
तुम हो हमारे देवा,
तुम हो हमारे सबकुछ देवा, तुमको नहीं खबर,
यूँ ना जाओ छोड़कर, हे गणपति अपना घर-०२
आये थे तुम ख़ुशियाँ लेकर, बरसाया था नूर यहाँ,
अभी-अभी तो मिले थे हमसे, अभी चले तुम दूर कहाँ,
कहाँ चले,
कहाँ चले हो भगवन बोलो, मुंह हमसे मोड़कर,
यूँ ना जाओ छोड़कर, हे गणपति अपना घर-०२
और इसे भी देखें: हे गणपति तेरी आरती गाऊं
तुमसे घर में रौनक थी, लगता था सबकुछ नया-नया,
रोज त्यौहार सा लगता था, ख़ुशियों का था बंधा समां,
भर आया,
भर आया दिल तुम जो चले, हर नाता तोड़कर,
यूँ ना जाओ छोड़कर, हे गणपति अपना घर-०३


