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पालकी ज़रा सजा दो

  • Paalki Jara Saja Do

पालकी ज़रा सजा दो मेरे बप्पा जा रहे हैं, ख़ुशियाँ लूटा के सबको निज धाम जा रहे हैं-०२
तेरी ज्योत को जला के तेरी आरती उतारी, नैनों में छवि भरके दिल में बसा रहे हैं-०२
पालकी ज़रा सजा दो मेरे बप्पा जा रहे हैं, ख़ुशियाँ लूटा के सबको निज धाम जा रहे हैं-०२

तेरे मस्तक तिलक लगाऊँ श्रृंगार सब कराऊँ, लड्डुओं का भोग लगाकर डोली में बिठा रहे हैं,
तेरे मस्तक तिलक लगाऊँ श्रृंगार सब कराऊँ, मोदक भोग लगाकर डोली में बिठा रहे हैं,
पालकी ज़रा सजा दो मेरे बप्पा जा रहे हैं, ख़ुशियाँ लूटा के सबको निज धाम जा रहे हैं।

कोई ढोली ढ़ोल बजाये कोई तालियां बजाये, भक्तों की भीड़ में सब जयकारे लगा रहे हैं-०२
पालकी ज़रा सजा दो मेरे बप्पा जा रहे हैं, ख़ुशियाँ लूटा के सबको निज धाम जा रहे हैं।

ख़ुशियों का भर खजाना गजानन जल्दी आना, तेरी आस में जीवन हम बिता रहे हैं-०२
पालकी ज़रा सजा दो मेरे बप्पा जा रहे हैं, ख़ुशियाँ लूटा के सबको निज धाम जा रहे हैं।

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तुम दाता हम पुजारी तुम राजा हम भिखारी, रो रो के दिल पुकारे मेरे गजानन जा रहे हैं-०२
पालकी ज़रा सजा दो मेरे बप्पा जा रहे हैं, ख़ुशियाँ लूटा के सबको निज धाम जा रहे हैं-०२
मेरे बप्पा जा रहे हैं-०२
जरा पालकी सजा दो…


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