बाबा विश्वकर्मा जी की जैसी रचना
संसार की सभी धातुओं के एवं देवालय शिवालय तक के निर्माता तो बाबा विश्वकर्मा भगवान हैं,
तो बोलिये विश्वकर्मा भगवान की- जय हो !
बाबा विश्वकर्मा के जैसी रचना-०२
विश्व में कोई करता नहीं है-०२
बाबा विश्वकर्मा के जैसी रचना, विश्व में कोई करता नहीं है,
चाहे देवालय,
चाहे देवालय हो या शिवालय, उनके बिन इक्छा बनता नहीं है-०२
सतयुग में ये स्वर्ग सजाये, द्वापर में ये द्वारिका बनाये,
जय हो द्वारिका नगरी की,
हो सतयुग में ये स्वर्ग सजाये, द्वापर में ये द्वारिका बनाये,
इस युग में भी,
कलयुग में भी इनकी कृपा बिन, कोई इन्सान चलता नहीं है-०२
कला कौशल से अपने बनाये, विश्वकर्मा जी सोने की लंका,
जय हो बाबा विश्वकर्मा की,
हो कला कौशल से अपने बनाये, विश्वकर्मा जी सोने की लंका,
खंडहर को भी,
खंडहर को भी महल बना दें, आदि अभियंता कोई नहीं है-०२
सुन्दर-सुन्दर महलों को सजाते, ज्ञान विज्ञान सबको बताते,
जय हो बाबा की,
सुन्दर-सुन्दर महलों को सजाते, ज्ञान विज्ञान सबको बताते,
सारे संसाधन,
सारे संसाधनों के हैं स्वामी, सभी धातुओं के प्रभु देवता है-०२
सारेअस्त्र शस्त्र आपने बनाये, देवी देवों को आपने दिलायें,
जय हो बाबा,
सारे अस्त्र शस्त्र आपने बनाये, देवी देवों को आपने दिलायें,
शस्त्र ऐसा,
अस्त्र ऐसा बनाया है बाबा, कोई दुश्मन भी टिकता नहीं है-०२
और इस भजन को भी देखें : विश्वकर्मा भगवान आज मेरे घर में पधारो
देवों में हैं ये देव निराले, सभी देवों के कार्य को संभाले,
सभी देवता के कार्यों को सँभालते हैं,
देवों में हैं ये देव निराले, सभी देवों के कार्य संभाले,
देवेंद्र कुलदीप,
देवेंद्र कैलाश रविकांत के दुःख, इनसा दुःख हारता कोई नहीं है,
देवेंद्र कैलाश रविकांत का दुःख, इनसा दुःख हारता कोई नहीं है,
बाबा विश्वकर्मा के जैसी रचना, विश्व में कोई करता नहीं है,
चाहे देवालय,
चाहे देवालय हो या शिवालय, उनके बिन इच्छा बनता नहीं है-०२



