गणपति पधारे
शंखनाद !
गणपति बप्पा मोरया !
शंखनाद !
गणपति बप्पा मोरया !
ऐ री सखी मंगल गाओ री, दीप माला तुम जलाओ री,
आज पधारे हैं गणपति राजा, फूलों से आँगन सजाओ री,
मोदक थाल सजाओ री, धुर्वा प्रेम से चढ़ाओ री,
ऋद्धिं सिद्धि संग आये गजानन, सब मिल चरणन शीश नवाओ री,
ऐ री सखी मंगल गाओ री, दीप माला तुम जलाओ री,
आज पधारे हैं गणपति राजा, जय जयकार लगाओ री।
बोल पाशा मृदंग,
गणपति बप्पा मोरया, मंगल मूर्ति मोरया !
ढोल मृदंग बजाओ री, शंखनाद सुनाओ री,
विघ्न विनाशक दाता आये, सुख की वर्षा बरसाओ री,
लाल सिन्दूर सुहाये री, माथे तिलक चमकाये री,
मूषक वाहन संग विराजे, भक्तों का मन हर्षाये री,
माता गौरा के लाला री, भोले बाबा के प्यारे री,
पहले पूजे जाते गणपति, सब के काज सँवारे री,
घर-घर खुशियां आयी री, मन में ज्योत जलायी री,
ऐ री सखी मंगल गाओ री, दीप माला तुम जलाओ री,
आज पधारे हैं गणपति राजा, नाचो गाओ झूमो री।
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होय होय, होय होय !
निर्गुण बोले हाथ जोड़के, द्वार तुम्हारे आया री,
हे गणराज कृपा कर देना, भक्ति का फल पाया री,
जय गणपति गाओ री।
