तेरा भवन सजा जिन फूलों से
माँ तेरा भवन सजा जिन फूलों से,
तेरा भवन सजा जिन फूलों से, उन फूलों की महिमा खास है माँ ,
बड़ा गर्व है उनको किस्मत पर, तेरा हुआ जो उनमें निवास है माँ
माँ तेरा भवन सजा जिन फूलों से, उन फूलों की महिमा खास है माँ ,
बड़ा गर्व है उनको किस्मत पर, तेरा हुआ जो उनमें निवास है माँ।
हों उन फूलों को देवता नमन करें, तेरी माला बनी जिन फूलों की,
तू झूलती जिनमें माला पहन, क्या शान है माँ उन झूलों की,
हो तू झूलती जिनमें माला पहन, क्या शान है माँ उन झूलों की,
कभी वैसी दया हमपर होगी,
कभी वैसी दया हमपर होगी, तेरे भक्तों को पूरी आस है माँ,
माँ तेरा भवन सजा जिन फूलों से, उन फूलों की महिमा खास है माँ ,
बड़ा गर्व है उनको किस्मत पर, तेरा हुआ जो उनमें निवास है माँ।
हो कुछ फूल जो साँची निष्ठा के, तेरी पावन पिण्डियों पे हैं चढ़े,
माँ तेरी महक में उनकी महक घुली, ये भाग्यवान हैं सबसे बड़े,
ओ माँ तेरी महक में उनकी महक घुली, ये भाग्यवान हैं सबसे बड़े,
हर भाग्य की रेखा बदलने की,
हर भाग्य की रेखा बदलने की, दिव्य शक्ति तुम्हारे पास हैं माँ,
हो तेरा भवन सजा जिन फूलों से, उन फूलों की महिमा खास है माँ ,
बड़ा गर्व है उनको किस्मत पर, तेरा हुआ जो उनमें निवास है माँ।
और इसे भी देखें : हर फूल में तेरी खुशबू हर ज्योत में तेरा नूर
हो नित गगन की छत से सतरंगे, तेरे मंदिरों पे फूल जो बरसे माँ,
उन फूलों को माथे लगाने दो, तेरे नाम के दीवाने तरसे माँ-०२
लक्खा पे रहेगी तेरी दया,
लक्खा पे रहेगी तेरी दया, निर्दोष को ये विश्वास है माँ,
माँ तेरा भवन सजा जिन फूलों से, उन फूलों की महिमा खास है माँ,
बड़ा गर्व है उनको किस्मत पर, तेरा हुआ जो उनमें निवास है माँ,
ओ तेरा भवन सजा जिन फूलों से, उन फूलों की महिमा खास है माँ,
बड़ा गर्व है उनको किस्मत पर, तेरा हुआ जो उनमें निवास है माँ,
तेरा हुआ जो उनमें निवास है माँ,
उन फूलों की महिमा खास है माँ-०२
