बाबा नन्द के भवनवा
चली आयीं हम भोजपुरी गायक समर सिंह रउआ लोगन के गीत के माध्यम से बतावल चाह तानी की जौना समय भगवन श्री कृष्ण के जनम गोकुल नगरी में भइल रहे, कैलाश पर्वत से बाबा भोलेनाथ विष्णु भगवान के बाल्यावस्था के दर्शन करे चललें, जब गोकुल नगरी अइलें बाबा भोले नाथ त देखीं का का होता, ये गीत के माध्यम से सुने के।
अईले भोले बाबा करे दर्शनवा,
अईले भोले नाथ करे दर्शनवा, बाबा नन्द के भवनवा-०२
नन्द के भवनवा, हो नन्द के भवनवा,
देखी हंसे कान्हा सुतल अंगनवा, बाबा नन्द के भवनवा,
अईले भोले नाथ करे दर्शनवा, बाबा नन्द के भवनवा।
और देखीं यशोदा मैया कंश के डर से अपने लल्ला के केहू के देखे ना दे तारी और बाबा भोलेनाथ बार-बार यशोदा मैया से सिफारिश करअ तारी की एक बार दर्शन करा दीं।
मुहंवा देखाई दो अपने लल्ला के मैया,
चली जाई दुअरा से पड़ी के पइयाँ,
मुहंवा देखाई दो अपने लल्ला के मैया,
चली जाई दुअरा से पड़ी के पइयाँ,
भरल यशोदा के शंका से मनवा,
भरल यशोदा के शंका से मनवा, बाबा नन्द के भवनवा,
अईले भोले नाथ करे दर्शनवा, बाबा नन्द के भवनवा।
हिन् के तरह
देखीं यशोदा मैया बार बार परेशान होइ के भोलेनाथ से कहअ तारी की आप हीं के तरह साधू के वेश धरके केहू हमरा लल्ला के ले के उड़ जा ता केहू जहर दे ता, एहि डर से बाबा हम आपण लाला के आपके ना देखा सकीला।
बोली जसु मैया ना मिली दर्शनवा,
बैठे भोलेनाथ मारे दुअरे आसनवा,
बोली जसु मैया ना मिली दर्शनवा,
बैठे भोलेनाथ मारे दुअरे आसनवा,
घर में रोये कान्हा आंसू भर नयनवा-०२
बाबा नन्द के भवनवा,
अईले भोले नाथ करे दर्शनवा, बाबा नन्द के भवनवा।
जन्माष्टमी स्पेशल : मुबारक हो तुमको जन्मदिन सुहाना
देखीं भगवान तो भगवान होलें, जब श्री कृष्ण भगवन जान गइलाइन की साक्षात महादेव हमरा घर पे आ गइल बाड़े, त उ बड़ा तेज-तेज से रोबे लगलें और अब केहू के मनाईला से मानते नइखे, त नन्द बाबा उनका के गोदी में ले आ के जब शंकर भगवान के गोदी में दे तारण त देखीं का हो ता।
गोदिया में ज्योंहिं भोले बाबा उठईले,
रोवत कन्हैया खुलके मुस्कायले,
गोदिया में ज्योंहिं भोले बाबा उठईले,
रोवत कन्हैया खुलके मुस्कायले,
समर आलोक जेके पूजे जहानवा,
समर आलोक जेके पूजे जहानवा, बाबा नन्द के भवनवा,
अईले भोले नाथ करे दर्शनवा, बाबा नन्द के भवनवा।

