सावन में डमरू बजाये दियो रे मेरे भोले भंडारी
सावन में डमरू बजाये दियो रे मेरे भोला भंडारी-०२
हाथे कमंडल त्रिशूल धारी-०२
डमरू बजा के आये गयो रे मेरे भोले भंडारी-०२
सावन में डमरू बजाये दियो रे मेरे भोला भंडारी।
माथे पे चंदा की चमक निराली-०२
माथे पे चंदा की चमक निराली,
गंगा जटा कान बिच्छू की बाली,
तन पे भभूति रमाये लियो रे मेरे भोले भंडारी-०२
गौरा के संग शिव झूम के नाचे-०२
गौरा के संग शिव झूम के नाचे,
ब्रह्मा जी नाचे संग विष्णु भी नाचे,
सारे जहां को नचाये दियो रे मेरा भोला भंडारी-०२
और इस भजन को भी देखें: ओ बंगला गाडी झुमके कंगना
मस्ती में आके भोला खोले खजाना-०२
मस्ती में आके भोला खोले खजाना,
जम के लुटाये शिव लुटे जमाना,
जिसने जो माँगा वो पाये गयो रे मेरा भोला भंडारी-०२
सावन में डमरू बजाये दियो रे मेरे भोला भंडारी।


