सावन का महीना
सावन का महीना, आये हैं भोलेनाथ,
हवा के कण-कण में गूंजे है, डमरू डम डम आज,
सावन का महीना, आये हैं भोलेनाथ,
हवा के कण-कण में गूंजे है, डमरू डम डम आज।
शिव हीं है सत्य, और शिव है अनंता,
शिव हीं अनादि और शिव भगवंता,
शिव हीं है सत्य, और शिव है अनंता,
शिव हीं अनादि, और शिव भगवंता,
शिव शंकर की महिमा पर, भक्तों को है नाज,
हवा के कण-कण में गूंजे है, डमरू डम डम आज,
हो ओ ओ ओ ओ….
सावन का महीना, आये हैं भोलेनाथ,
हवा के कण-कण में गूंजे है डमरू डम डम आज।
और इस भजन को भी देखें: भोले भंडारी तेरी महिमा कही न जाए
चिंता नहीं है कोई, कब हमें काल की,
क्योंकि कृपा है हमपे, उस महाकाल की,
चिंता नहीं है कोई, कब हमें काल की,
क्योंकि कृपा है हमपे, उस महाकाल की,
काल भी डरता जिससे, वो है भोले सरकार,
हवा के कण-कण में गूंजे है डमरू डम डम आज,
हो ओ ओ ओ ओ…
सावन का महीना आये हैं भोलेनाथ,
हवा के कण-कण में गूंजे है, डमरू डम डम आज-०३

