सावन आया बादल छाया भोले तुम कब आओगे
सावन आया बादल छाया, बिजली चमके बूँद पड़े,
आने को तो सब भक्त आये हैं,
भोले तुम कब आओगे, भोले तुम कब आओगे।
गंगाजल से भरी कंवरिया, डगर डगर हम डोल रहे,
बम बम की गूंजे जयकारा, प्रेम सुधा में घोल रहे,
गंगाजल से भरी कंवरिया, डगर डगर हम डोल रहे,
बम बम की गूंजे जयकारा, प्रेम सुधा में घोल रहे,
नयन बिछाकर बाट निहारे, मन में दीप जलाओगे,
आने को तो सब भक्त आये हैं,
भोले तुम कब आओगे, भोले तुम कब आओगे।
बेलपत्र और धतूरा लेकर, द्वारे तेरे आये हैं,
श्रद्धा के मधु रस से भरकर, गीत भक्ति के गाये हैं ,
सुनी पड़ी है मन की बगिया, कब आकर महकाओगे,
आने को तो सब भक्त आये हैं,
भोले तुम कब आओगे, भोले तुम कब आओगे।
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डमरू की धुन कानों में गूंजे, तन मन पुलकित होता है,
तेरी दर्शन की अभिलाषा में, हर पल दिल ये रोता है,
विरह गम में जले ह्रदय ये, कब अमृत बरसाओगे,
आने को तो सब भक्त आये हैं,
भोले तुम कब आओगे, भोले तुम कब आओगे।
और इस भजन को भी देखें : कैसे सजाऊँ भोले बाबा तुम्हें मैं कैसे सजाऊँ रे
कैलाशों से उतरके शम्भू, एक झलक दिखलाओ ना,
अपने भक्तों की अंखियों में, प्रेम ज्योति जलाओ ना,
मनमीत की विनती सुनकर, कब कृपा बरसाओगे,
आने को तो सब भक्त आये हैं,
भोले तुम कब आओगे, भोले तुम कब आओगे।


