जय हो त्रिलोकीनाथ
सुबह-सुबह जो उठकर लेता, सबसे पहले शिव का नाम,
उसकी रक्षा स्वयं करे शिव, सिद्ध करे सारे शुभ काम !
जटा में गंगा माथे चंदा, सर्प गले में हार-०४
तीनों लोक में हो रही, शिव शंकर की जय जयकार-०३
देवों के है देव महादेव, कालों के महाकाल,
देवों के हैं देव महादेव,
देवों के है देव महादेव, कालों के महाकाल-०२
सृष्टि के रखवाले, सरे जग के पालनहार-०२
जटा में गंगा माथे चंदा, सर्प गले में हार-०२
तीनों लोक में हो रही, शिव शंकर की जय जयकार-०३
मूरख को गुणवान बनाते, निर्धन को धनवान,
मूरख को गुणवान बनाते,
मूरख को गुणवान बनाते, निर्धन को धनवान-०२
इनकी कृपा हो जिसपर, उसको पूजता है संसार-०२
जटा में गंगा माथे चंदा, सर्प गले में हार-०२
तीनों लोक में हो रही, शिव शंकर की जय जयकार-०३
इस लोकप्रिय भजन का भी अवलोकन करें : दरबार तेरा भोले दुखियों का सहारा है
अपने शरण में ले लो हमको, हे त्रिलोकीनाथ,
अपने शरण में लो लो हमको,
अपने शरण में ले लो हमको, हे त्रिलोकीनाथ-०२
आपके पावन चरणों के, हम भी तो हैं हकदार-०२
जटा में गंगा माथे चंदा, सर्प गले में हार-०२
तीनों लोक में हो रही, शिव शंकर की जय जयकार-०३

