गुरूजी मेरी रंग दो चुनरिया
गुरूजी जाऊं ओढ़ चुनरिया सत्संग के मेले में,
गुरूजी मेरी रंग दो चुनरिया रंग रंगीले में।
गुरूजी मेरी रंग दो चुनरिया रंग रंगीले में,
गुरूजी जाऊं ओढ़ चुनरिया सत्संग के मेले में।
संसार के माया और मोह में,
संसार के माया और मोह में,
गुरूजी मेरा जी घबरावे-०२
जग के झमेले में,
गुरूजी मेरी रंग दो चुनरिया रंग रंगीले में।
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जगत में मतलब के नाते,
जगत में मतलब के नाते,
गुरूजी मेरा कोई ना साथी-०२
जाना अकेले में,
गुरूजी मेरी रंग दो चुनरिया रंग रंगीले में।
भक्त को मार्ग बतलाओ,
भक्त को मार्ग बतलाओ,
गुरूजी मोहे दर्शन देना,
गुरूजी मोहे दर्शन देना, सत्संग के मेले में,
गुरूजी मेरी रंग दो चुनरिया रंग रंगीले में।
तुम हो दीन दयाल प्रभु,
हो तुम हो दीन दयाल प्रभु,
गुरूजी मुझे पार लगाना-०२
पुकारूँ भव सिंधु झमेले में,
गुरूजी मेरी रंग दो चुनरिया रंग रंगीले में।
गुरूजी जाऊं ओढ़ चुनरिया सत्संग के मेले में,
गुरूजी मेरी रंग दो चुनरिया,
गुरूजी मेरी रंग दो चुनरिया रंग रंगीले में-०२
