डमरू वाले हाथ की

  • Damru Wale Hath Ki

हो हो, हो हो, हो हो हो हो…

भक्ति में डूबे रहते हैं, हरपल जो रघुनाथ की-०२
इन होठों से,
इन होठों से महिमा कैसे, गाऊं भोलेनाथ की-०२
रहते हैं बेचैन देवता, जिनके दर्शन पाने को-०२
सारी दुनिया कठपुतली है, डमरू वाले हाथ की-०२
इन होठों से महिमा कैसे, गाऊं भोलेनाथ की।

कानों में सर्पों के कुण्डल, जटा में गंगा सोहे,
रूप निराला नीलकंठ का, सबका मनवा मोहे,

कानों में सर्पों के कुण्डल, जटा में गंगा सोहे,
रूप निराला नीलकंठ का, सबका मनवा मोहे,
बढ़ रहा है चंदा शोभा, जिनके उजले माथ की-०२
सारी दुनिया,
सारी दुनिया कठपुतली है, डमरू वाले हाथ की-०२
इन होठों से महिमा कैसे, गाऊं भोलेनाथ की।

सबके प्राणों की रक्षा की, पी गए विष का प्याला,
हो जाएँ खुश अगर महादेव, खोल दे किस्मत का ताला,

सबके प्राणों की रक्षा की, पी गए विष का प्याला,
हो जाएँ खुश अगर महादेव, खोल दे किस्मत का ताला,
विनती सुनलो हे शिव शंभू, मुझ दुखिया अनाथ की-०२
सारी दुनिया,
सारी दुनिया कठपुतली है, डमरू वाले हाथ की-०२
इन होठों से महिमा कैसे, गाऊं भोलेनाथ की।

और इस भजन को भी देखें : दरबार में शिव के

उठो समाधी से बम भोले, अपनी आँखे खोलो,
भक्ति की इस कठिन कसौटी, पर ना मुझको तौलो,

उठो समाधी से बम भोले, अपनी आँखे खोलो,
भक्ति की इस कठिन कसौटी, पर ना मुझको तौलो,
मैं अनजान ना जानूं भक्ति, ललक है तेरे साथ की-०२
सारी दुनिया,
सारी दुनिया कठपुतली है, डमरू वाले हाथ की-०२
इन होठों से महिमा कैसे, गाऊं भोलेनाथ की।


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