नेक बसुरी बजा दे रसिया
नेक बसुरी बजा दे रसिया
प्यास मन की बुझा दे रसिया।।
नेक बसुरी बजा दे रसिया
प्यास मन की बुझा दे रसिया।।
बसुरी बाजादे मेरी गलियो में आए के
संग की सहेली लेके मिलू तोसे ध्याक़े।।
ऐसी आग लगड़े रसिया
नेक बसुरी बजा दे रसिया।।
तेरे रूप कही सारे ब्रज में उजाला
तुलना नही तू सारे जाग से निराला है।।
रूप मधुरी पीला दे रसिया
नेक बसुरी बजा दे रसिया।।
बाँसुरिया संवारे को प्राणो से भी प्यारी है
राधा रते इसलिए आधारो पे धरी है।।
राधा नाम पीला दे रसिया
नेक बसुरी बजा दे रसिया।।
नाव टावर भेष रमण बनाए दू
नुपूर की जोड़ी तेरे पाए पहनाए दू
ज़रा ठुमका लगड़े रसिया
नेक बसुरी बजा दे रसिया
नेक बसुरी बजा दे रसिया
प्यास मन की बुझा दे रसिया।।


