दिल कडया पता वी लगया श्याम दिया चोर अखिया
दिल कडया पता वी लगया
श्याम दिया चोर अखिया।।
चोरी चोरी घर मेरे आके,
ले गया मेरा माखन चुराके,
जदों कड़ियाँ पता वी नी लगाया ,
श्याम दिया चोर अखिया,
दिल कडया…..
वृन्दावन विच रास रचावे,
सखिया नु ते आप नचावे,
वे मैं प्यार लुटाके छड़या
श्याम दिया चोर अखिया,
दिल कडया…..
दिल नु आजा रोग लगाजा,
किसे बहाने दरश दिखाजा,
मैनु कमली बनाके छड़या
श्याम दिया चोर अखिया,
दिल कडया……

