सबकुछ देख रहा भगवान
सबकुछ देख रहा भगवान-०२
छुप नहीं सकते पाप तुम्हारे,
ऐ मूरख इंसान,
सबकुछ देख रहा भगवान-०४
देखन में तू भोला-भाला,
मुंह का मीठा, मन का काला,
सूरत से इंसान बना है, और सीरत से शैतान,
सबकुछ देख रहा भगवान-०४
चाहे जितनी यज्ञ करा ले-०२
चाहे जितनी दान करा ले-०२
बिना राम का नाम लिए,
बिना राम का नाम लिए, ये सब निष्पक्ष है दान,
सबकुछ देख रहा भगवान-०४
और इस भजन का भी अवलोकन करें: उठ करले भजन भगवान का
फिक्र ना कर एक दिन आएगा-०२
भेद तेरा सब खुल जायेगा-०२
तेरी देह से निकलेगी तब, तड़प-तड़प के जान,
सबकुछ देख रहा भगवान-०८
