अपने भगत के आँख में आंशु देख ना पाते है

  • Apne Bhagat Ke Aankh Mein Aanshu Dekh Naa Pate Hai

कन्हैया दौड़े आते है
अपने भगत के आँख
में आंशु देख ना पाते है
कन्हैया दौड़े आते है

अपने भगत के आँख
में आंशु देख ना पाते है
कन्हैया दौड़े आते है

याद कर गाज की गाथा
पर्थ के रात को हांका
दीं पांचाली हारी
बड़ादी उसकी सारी

हो ध्रुव प्रहलाद नर्सिंघ
और मीरा तेर लगते है
कन्हैया दौड़े आते है

अपने भगत के आँख में आंशु
देख ना पाते है
कन्हैया दौड़े आते है

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