मेरे सांवरे सलोने दर पे तुम्हारे आके
मेरे सांवरे सलोने दर पे तुम्हारे आके
नज़रे हटे ना मेरी दीदार तेरा पाके।।
मेरे सांवरे सलोने
दर पे तुम्हारे आके
नज़रें हटे ना मेरी
दीदार तेरा पाकर
मेरे सांवरे सलोने
दर पे तुम्हारे आके
श्यामल छवि तुम्हारी
अधरों पे मुस्कुराहट
नैनों का रूप जैसे
मृग नैन की बनावट
मेरे सांवरे सलोने
दर पे तुम्हारे आके
अपनी में श्याम तुम हो
कण-कण में व्याप्त तुम हो
तुम ही हो द्वारिका में
मथुरा में श्याम तुम हो
मेरे सांवरे सलोने
दर पे तुम्हारे आके
सेवा निकुंज में तुम
राधा की सेवा करते
मधुबन में श्याम सुंदर
लीला तुम हो करते
मेरे सांवरे सलोने
दर पे तुम्हारे आके
तुमसे जो नैन लगे
मेरी खता नहीं है
क्या कर दिया है मोहन
मुझे होश अब नहीं है
मेरे सांवरे सलोने
दर पे तुम्हारे आके
मेरे प्यारे श्याम


