मन मेरा बोले श्याम श्याम तन मेरा श्याम श्याम
मन मेरा बोले श्याम श्याम
तन मेरा श्याम श्याम
मन मेरा बोले श्याम श्याम
तन मेरा बोले श्याम श्याम
धरती बोले हो अम्बर बोले
नादिया बोले श्याम श्याम श्याम
मन मेरा बोले श्याम श्याम
तन मेरा श्याम श्याम
गल वैजन्ती माला पहने सावर रंग कन्हैया
गैया बछड़ु नाचे श्याम ने बाशी बजाई
पेड़ भी झूमे पंछी गये लेके प्रभु का नाम
मन मेरा बोले श्याम श्याम
तन मेरा श्याम श्याम
बंशी तट यमुना की लहरे श्याम की माला
नाग नाथ पे निकला हो जैसे मेरा बंशी वाला
रोम रोम में बसा मेरे ये वृंदावन
मन मेरा बोले श्याम श्याम
तन मेरा श्याम श्याम
कितने नाम है नंदलला के
माया अप्रम पार
कृष्णा कन्हैया की लीला को जानत सब संसार
द्रोपदी को चीर बढ़ायो ये तो है सरनाम
मन मेरा बोले श्याम श्याम
तन मेरा श्याम श्याम
धरती बोले हो अम्बर बोले
नादिया बोले श्याम श्याम श्याम
मन मेरा बोले श्याम श्याम
तन मेरा श्याम श्याम
