गोकुल तुझे पुकारे है ओ रे कृष्णा तू आजा
कृष्णा रे ओ रे कृष्णा गोकुल तुझे पुकारे है
ओ रे कृष्णा तू आजा प्यासे नैन निहारे है
आके दरश तू दिखला जा।।
कृष्ण रे ओ रे कृष्ण
गोकुल तुझे पुकारे है
ओ रे कृष्ण तू आजा
प्यासे नैन निहारे है
आके दरश तू दिखला जा
मन वृंदावन तुझको बुलाए
आजा श्याम मोरी गलियाँ
यमुना जी के पावन जल से
धोऊँ चरण की कलियाँ
माखन मिश्री भोग लगाऊँ मैं
आजा श्याम मोरी गलियाँ
मन वृंदावन तुझको बुलाए
आजा श्याम मोरी गलियाँ
यमुना जी के पावन जल से
धोऊँ चरण की कलियाँ
गोकुल तुझे पुकारे है
ओ रे कृष्ण तू आजा
प्यासे नैन निहारे है
आके दरश तू दिखला जा
दे दे दर्शन ओ मनमोहन
अपनी मोहनी छवि का
गोपी चंदन घिस-घिस के
मैं करूँ तेरे माथे पे टीका
चुन-चुन लाई रंग बिरंगी कलियाँ
माखन मिश्री भोग लगाऊँ
आजा श्याम मोरी गलियाँ
मन वृंदावन तुझको बुलाए
आजा श्याम मोरी गलियाँ
यमुना जी के पावन जल से
धोऊँ चरण की कलियाँ
गोकुल तुझे पुकारे है
ओ रे कृष्ण तू आजा
प्यासे नैन निहारे है
आके दरश तू दिखला जा
पहन के आजा मोर मुकुट
लेकर हाथ में बंसी
दर दिखा दे, साध पूरा दे
मेरे व्याकुल इस मन की
सुध बिसराए, छेड़ दे फिर वो
माखन मिश्री भोग लगाऊँ मैं
आजा श्याम मोरी गलियाँ
मन वृंदावन तुझको बुलाए
आजा श्याम मोरी गलियाँ
यमुना जी के पावन जल से
धोऊँ चरण की कलियाँ
