कान्हा रे कान्हा सारा जग तेरा दीवाना
कान्हा रे कान्हा सारा जग तेरा दीवाना
सीखा कहा से तूने दिल को चुराना।।
कान्हा रे कान्हा सारा जग तेरा दीवाना
सीखा कहाँ से तूने दिल को चुराना
कान्हा रे कान्हा सारा जग तेरा दीवाना
सीखा कहाँ से तूने दिल को चुराना
मेरा दिल मुझसे कहता है
दिल में हमारे तू रहता
हमको भी अपने दिल में बसाना
कान्हा रे कान्हा सारा जग तेरा दीवाना
सीखा कहाँ से तूने दिल को चुराना
सांवली सूरत नैन कजरारे
देख कौन ना सुधबुध हारे सारा जमाना
कान्हा रे कान्हा सारा जग तेरा दीवाना
सीखा कहाँ से तूने दिल को चुराना
दर्शन तेरे मैं जो पाऊँ
तुझसे हूँ तुझ में हो जाऊँ
अपने दरश का दे दे खजाना
कान्हा रे कान्हा सारा जग तेरा दीवाना
सीखा कहाँ से तूने दिल को चुराना
जब तू अधर पर बंसी साजे
तब त्रिभुवन में अनहद बाजे
अनहद की धुन सबको सुनाना
कान्हा रे कान्हा सारा जग तेरा दीवाना
सीखा कहाँ से तूने दिल को चुराना

