यह मेरी अर्ज़ी है वैसी बन जाओ जैसी तेरी मर्ज़ी है

  • Ye Meri Arzi Hai Vaisi Ban Jau jaisi Teri Marzi Hai

यह मेरी अर्ज़ी है वैसी बन जाओ जैसी तेरी मर्ज़ी है
यह मेरी अर्ज़ी है वैसी बन जाओ जैसी तेरी मर्ज़ी है।।

वो इतना प्यारा है वो इतना प्यारा है
के चाँद कहे उस से के तू चाँद हमारा है,
यह मेरी अर्ज़ी है वैसी बन जाओ जैसी तेरी मर्ज़ी है।।

जग रोक न पाएगा जग रोक न पाएगा
मीरा नाचे गी जब श्याम नचाये गा,
यह मेरी अर्ज़ी है वैसी बन जाओ जैसी तेरी मर्ज़ी है।।

यह इश्क की बाजी है यह इश्क की बाजी है
कोई मने या ना माने मेरा श्याम तो राजी है,
यह मेरी अर्ज़ी है वैसी बन जाओ जैसी तेरी मर्ज़ी है।।

फिर कैसी वधा है फिर कैसी वधा है
जब सांसो में मोहन धरकन में राधा है,
यह मेरी अर्ज़ी है वैसी बन जाओ जैसी तेरी मर्ज़ी है।।

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