आजा आजा किशन तूने सबका ही मन क्यू रुलाया
आजा आजा किशन
तूने सबका ही मन
क्यू रुलाया हमे
ये बता दे ज़रा।।
गये नैना तरस
अब तो देजा दरश
अब तो सूरत कन्हैया
दिखा दे ज़रा ।।
आजा आजा किशन
तूने सबका ही मान
क्यू रुलाया हमे
ये बता दे ज़रा ।।
याद हुमको तेरी
आये रही हर घड़ी
क्या हमारी तुम्हे
याद आती नही ।।
दिल परेशन है
हम तो वीरान है
कान्हा उजड़े हुओ
को बसादे ज़रा।।
आजा आजा किशन
तूने सबका ही मन
क्यू रुलाया हमे
ये बता दे ज़रा ।।
अब तो सागर की लहरे
ठहर से गयी
और नदियो का पानी
भी थम सा गया ।।
रो रहे रात दिन
कान्हा सब तेरे बिन
कान्हा आके सबको
हंसा दे ज़रा ।।
आजा आजा किशन
तूने सबका ही मन
क्यू रुलाया हमे
ये बता दे ज़रा ।।
तेरे बिन सूनी है
कान्हा अब हर घड़ी
अब तो मुरझा गयी है
फूट पत्ते काली
कान्हा आँसू बहे
कान्हा आँसू बहे
दुख ये कब तक सहे
अब तो किशमत कन्हैया
जगा दे ज़रा ।।
आजा आजा किशन
तूने सबका ही मन
क्यू रुलाया हमे
ये बता दे ज़रा ।।

