मेरी सुनकर करुणा पुकार संवारा आयेगा
मेरी सुनकर करुणा पुकार संवारा आयेगा
मेरी सुनकर करुणा पुकार संवारा आयेगा
मुझे पूरा है एतबार संवारा आयेगा।।
जितना भी बहल राहु मैं
क्यो दूजे को हाल कहु मैं।।
बरसेगी बरसेगी प्रेम फुहार संवारा आयेगा
मेरी सुनकर करुणा पुकार संवारा आयेगा
झुठे मीत शाखा और नाटे
दर्दी दिल का दर्द बढ़ाते।।
मुझे कर्ण सच्चा प्यार संवारा आयेगा
मुझे पूरा है एतबार संवारा आयेगा
नैनो की भाषा वही जाने
मन मेरा उसको ही माने
सारे जग का पालन हार संवारा आयेगा
वृंदावन की कुंज गलियों में
डोलू मैं तो वान वन वान में
निधिवन में करत विहार संवारा आयेगा
मुझे पूरा है एतबार संवारा आयेगा
मेरी सुनकर करुणा पुकार संवारा आयेगा
मेरी सुनकर करुणा पुकार संवारा आयेगा ।।



