ओ सावरे ओ सावरे मेरी लड़ गई नजरिया तोसे ओ बावरे

  • O Sawre O Sawre Meri Lad Gayi Nazariya Tose O Baware

ओ सावरे ओ सावरे
मेरी लड़ गई नजरिया तोसे
ओ बावरे ओ सावरे।।

ओ सावरे ओ सावरे
मेरी लड़ गई नजरिया तोसे
ओ बावरे ओ सावरे।।

कभी छत पे से देखा
कभी खिड़की से झाकू
सारे सारे दिन तेरी राह ताकू।।

मुझे पता है किसी दिन
ये दुनिया जरूर हंसेगी
तीखे उलाहनो की
गठरी जरूर कसेगी।।

तुमसे जुदा करने की ताकत
शायद मौत में भी नहीं है ।।

पैर अफसोस तेरी बेरोखी
किसी दिन नागिन बनके दसेगी।।

कभी छत पे से देखा
कभी खिड़की से झाकू
सारे सारे दिन तेरी राह ताकू
तेरी मिल जाए नजरिया मोसे
ओ बावरे ओ सावरे।।

क्या हो गया है हुको
ख़बर ना पता है
चिंगारी फूटी दिल में
धुआ सा उठा है।।

तन्हा हुए तो तनहाई ने मार डाला
थोडा संभले तो रुसवाई ने मर्दला
अरे ऑरो से शिकायत क्या करूं सावरे
हम तो तेरी बेवफाई ने मार डाला।।

क्या हो गया है हुको
ख़बर ना पता है
चिंगारी फूटी दिल में
धुआ सा उठा है

रे मनुआ तेरे ही
बारे में सोचे
ओ बावरे ओ सावरे

सतीश को भी धनु जानू
दिनेश गंगवाल तुमको दिल से बुलाये।।

इश्क ने हमें बेनाम कर दिया है
हर खुशी ने हमें अंजान कर दिया है
हम ने तो कभी नहीं चाहा
की मोहब्बत हो आपके
आपकी एक नज़र ने
हमें नीलाम कर दिया है

सतीश को भी धनु जानू
दिनेश गंगवाल तुमको दिल से बुलाये

रे गोपाल हरपाल मुझको कोसे
ओ बावरे ओ सावरे

मेरी लड़ गई नजरिया तोसे
ओ बावरे ओ सावरे।।

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