ऐ सुंदर श्याम बताओ तुम्ही
ऐ सुंदर श्याम बताओ तुम्ही
तुमसा कोई सुंदर और भी है।।
ऐ सुंदर श्याम बताओ तुम्हे
तुमसा कोई सुंदर और भी है।।
प्यारी मुस्कान कजरारे नयन
बांकी चितवन टेडी सी चलन।।
जिसे देख हुआ दिल दीवाना
ऐसा मुख चंदर और भी है क्या।।
गिरिराज धारण भूवी भर हरण
काली पे चरण भक्तो को शरण।।
क्या जाग में श्याम कोई तुमसा
करुणा का समंदर और भी है।।
है धाम तुम्हारा वृंदावन
यमुना तट बंशी वट निधि वन।।
जिस दर से सभी की आस लगी
क्या ऐसा कोई दर और भी है।।
ऐ सुंदर श्याम बताओ तुम्ही
तुमसा कोई सुंदर और भी है।।
