मन धीर धरो भगवान मिलेंगे कभी ना कभी
मन धीर धरो घबराओ नहीं-०२
भगवान मिलेंगे कभी ना कभी।
फूंलों में नहीं कलियों में नहीं-०२
काँटों में मिलेंगे कभी ना कभी,
मन धीर धरो घबराओ नहीं,
भगवान मिलेंगे कभी ना कभी।
सूरज में नहीं चंदा में नहीं-०२
तारों में मिलेंगे कभी ना कभी,
मन धीर धरो घबराओ नहीं,
भगवान मिलेंगे कभी ना कभी।
गंगा में नहीं यमुना में नहीं-०२
सरयू में मिलेंगे कभी ना कभी
मन धीर धरो घबराओ नहीं,
भगवान मिलेंगे कभी ना कभी।
मंदिर में नहीं मस्जिद में नहीं-०२
गुरूद्वारे मिलेंगे कभी ना कभी,
मन धीर धरो घबराओ नहीं,
भगवान मिलेंगे कभी ना कभी।
मथुरा में नहीं गोकुल में नहीं-०२
मेरे मन में मिलेंगे कभी ना कभी,
मन धीर धरो घबराओ नहीं,
भगवान मिलेंगे कभी ना कभी-०३
