श्री राम लिखे तो मिटे कैसे भगवान लिखे तो टले कैसे
श्री राम लिखे तो मिटे कैसे
भगवान् लिखे तो टले कैसे,
पानी की नाव पानी में चले,
जब रेत मिले तो चले कैसे,
श्री राम लिखे तो मिटे कैसे
भगवान् लिखे तो टले कैसे।।
कपडा जो फ़टे दरजी से सिले,
हिरद जो फटे तो सिले कैसे,
श्री राम लिखे तो मिठे कैसे
भगवान् लिखे तो टले कैसे।।
छानी जो गिरे धरती पर रुके,
आकाश गिरे तो रुके कैसे,
श्री राम लिखे तो मिठे कैसे
भगवान् लिखे तो टले कैसे।।
ये तन जो जले मरघट में भुजे,
अगनी विरहा की भुजे कैसे,
श्री राम लिखे तो मिठे कैसे
भगवान् लिखे तो टले कैसे।।
