अँखियाँ हरी दर्शन की प्यासी

  • Ankhiyan Hari Darshan Ki Pyasi

अँखियाँ हरी दर्शन की प्यासी-०२
देख्यो चाहत कमल नयन को-०२
निश दिन रहत उदासी,
हो ओ ओ ओ…
निश दिन रहत उदासी,
अँखियाँ हरी दर्शन की प्यासी-०२

आये उधो फिरि गए आँगन-०२
दारी गए गर फँसी,
हाँ आ आ आ…
दारी गए गर फँसी,
अँखियाँ हरी दर्शन की प्यारी-०२

केसर तिलक मोतियन की माला,
वृन्दावन को वासी-०२
अँखियाँ हरी दर्शन की प्यासी-०२

काहू के मन की कोउ ना जाने-०२
लोगन के मन हासी-०२
अँखियाँ हरी दर्शन की प्यासी-०२

और इस भजन को भी देखें : मेरे ठाकुर की तिरछी नजरिया

सूरदास प्रभु तुम्हरे दरस बिन-०२
लेहो करवट काशी-०२
अँखियाँ हरी दर्शन की प्यासी -०२

अँखियाँ हरी दर्शन की प्यासी-०२
देख्यो चाहत कमल नयन को-०२
निश दिन रहत उदासी,
हो ओ ओ ओ…
निश दिन रहत उदासी,
हो ओ ओ ओ…
अँखियाँ हरी दर्शन की प्यासी-०२


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