दरश देदो रघुनन्दन
बोलिये सियावर रामचंद्र भगवान की जय !
आ गए आ गए तुम्हारे दरबार, दरश देदो रघुनन्दन-०२
अरे बड़ी दूर से आये हैं चलके, तुम्हारी अवध नगरिया,
अवध बिहारी अब तो मोह पे, डारो कृपा नजरिया,
हो अवध बिहारी अब तो मोह पे, डारो कृपा नजरिया,
हो जाए हो जाए जन्म साकार, दरश देदो रघुनन्दन,
आ गए आ गए तुम्हारे दरबार, दरश देदो रघुनन्दन-०२
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धन्य भाग्य भारत भूमि के, राम लाला जी पधारे,
जूठे बेर खाये सबरी के, केवट चरण पखारे,
हो जूठे बेर खाये सबरी के, केवट चरण पखारे,
मैं भी दर पे खड़ा हूँ लाचार, दरश देदो रघुनन्दन,
आ गए आ गए तुम्हारे दरबार, दरश देदो रघुनन्दन-०२
जय हो !
माथे मुकुट कण में कुण्डल, गले में माला सोहे,
सिया रघुवर की प्यारी जोड़ी, सबके मन को मोहे,
हो सिया रघुवर की प्यारी जोड़ी, सबके मन को मोहे,
ओ प्यारो प्यारो करे श्रृंगार, दरश देदो रघुनन्दन,
आ गए आ गए तुम्हारे दरबार दरश देदो रघुनन्दन-०३
दरश देदो रघुनन्दन-०२
जय हो !
