पुकार सुन लो मेरी हे भोले बाबा
नैनों में आंसू मन में दुविधा, और ये जीवन हारा-हारा है,
दुनिया के इस भीड़ में बाबा, दिखता ना कोई हमारा है।
विश्वास है मेरा अटूट तुम पर बाबा, तुम हीं तो मेरा सहारा हो,
हे भोलेनाथ बाबा,
पुकार सुन लो अब इस सेवक की, जो भी नाता हमारा है,
हे दयावान बाबा, हे डमरू वाले बाबा,
हे महाकाल महादेवा, जय महादेवा।
मैं इस जग की ठोकर खाकर बाबा, तुम्हारे द्वारे आया हूँ,
कुछ भी पास नहीं है मेरे, बस खाली हाथ हीं आया हूँ,
लोग कहे तुम पत्थर के हो, पर मैंने तुमको पाया है,
जब-जब मैं टुटा हूँ बाबा, तब-तब तूने हीं तो मुझे जीना सिखाया है,
हे दयावान बाबा, हे डमरू वाले बाबा,
हे महाकाल महादेवा, जय महादेवा,
ज्ञान नहीं है ना ध्यान मुझे है, भक्ति की परिभाषा मैं ना जानूं,
बस इतना सा है नाता मेरा, तुमको हीं मैं अपना मानूं,
जैसे गंगा विराजे शीश पे तुम्हारे, वैसे मैं तेरे चरणों आया हूँ,
हे बाबा अब तो हाथ, पकड़ लो मेरा,
बस इतनीं हीं, आस, लेकर आया हूँ,
हे दयावान बाबा, हे डमरू वाले बाबा,
हे महाकाल महादेवा, जय महादेवा।
और इस भजन को भी देखें: लिख दी मैंने अपनी अर्जी
माना पर्वत सी बाधाएं, मेरा रस्ता रोकेंगी,
दुनिया भर की ये रुस्वाई, पाँव मेरे रोकेंगी,
पर कृपा जो हो जाए तुम्हारी, किस्मत मेरी पलटेगी,
हाथ थाम लोगे जब मेरा, हर मुश्किल पीछे छूटेगी,
हे दयावान बाबा, हे डमरू वाले बाबा,
हे महाकाल महादेवा, जय महादेवा।
महल अटारी नहीं चाहिए, ना सोने के ये संसार मिले,
बस हर जनम में प्रदीप को, भोले बाबा तेरा हीं प्यार चाहिए,
जहर पिया था सृष्टि की खातिर, तुम तो दया के सागर हो,
मेरी हर एक सांस के भीतर, ओ डमरू वाले तुम रहते हो,
हे दयावान बाबा, हे डमरू वाले बाबा,
हे महाकाल महादेवा, जय महादेवा,
माता गौरा के तुम स्वामी, तुम हो हम भक्तों के भगवान,
तुम हो मेरे मन आँगन के रखवाले, तुम हो हम भक्तों के भोलेनाथ त्रिपुरारी,
जय भोलेनाथ, जय महाकाल,
जय हो देवों के देव महादेवा।


