लाज पिता के बचाने अयोध्या छोड़ चले
गायक – राकेश काला
लाज पिता के बचाने अयोध्या छोड़ चले
हे मेरे राम अयोध्या छोड़ चले हे रघुराई।।
रघुकुल की रीत निभाने अयोध्या छोड़ चले
मेरे राम अयोध्या छोड़ चले रघुराई।।
रघुकुल की रीत निभाने
लाज पिता की बचने
अयोध्या छोड़ चले रघुराई
सिया माता लक्ष्मण भाई
अयोध्या छोड़ चले।।
छोड़ा राज पथ सुख सारा
तपस्वी वेश धारा
मेरे राम तपस्वी वेश धारा
तीनो ने तपस्वी वेश धारा।।
मेरे राम लगे वन को जाने
अयोध्या छोड़ चले हाये
अयोध्या छोड़ चले
मेरे राम अयोध्या छोड़ चले
रघुकुल राय प्रभु राम
अयोध्या छोड़ चले।।
जो सीता थी जनक दुलारी
वनो को जाएगी वो
सीता महारानी वनो को जाएगी वो
जनक दुलारी।।
साथ अपने पति का निभाने
साथ अपने राम का निभाने
अयोध्या छोड़ चले
देखो वो तीनो अयोध्या छोड़ चले।।
हे मेरे राम लक्ष्मण भ्राता
अयोध्या छोड़ चले।।
लक्ष्मण बना राम का साया
वनो को जाएगा वो
भाई के संग में वनो को जाएगा
लक्ष्मण भ्राता वनो को जाएगा
देखो भाई का साथ निभाने
अयोध्या छोड़ चले।।
देखो तीनो अयोध्या छोड़ चले
हा चले हैं वो तीनो
अयोध्या छोड़ चले।।
राम जाने देखो राम की माया
क्यो अवतार लिया मेरे राम ने
प्रभु श्री राम ने
है क्यों अवतार लिया।।
सारी सृष्टि से पाप मितने
सारी दुनिया से पाप मिटने
अयोध्या छोड़ चले
राम रघुराई अयोध्या छोड़ चले
लक्ष्मण भाई अयोध्या छोड़ चले।।


