आए थे कभी धरती पर तुम
रह रह कर अपने आगन की
सबको याद सताए
होता ना कम प्रेम तनिक भी
डोर भले ही जाए।।
धरती पर आकर प्रभु ने
दिन जो अपने बिताए
कोशिश करके भी रखुवर से
जाते ना होंगे भुलाए।।
आए थे कभी धरती पर तुम
दिन याद तुम्हे आते होंगे।।
खाते हुए भोजन भिलनी के
प्रभु बेर याद आते होंगे।।
आए थे कभी धरती पर तुम
दिन याद तुम्हे आते होंगे।।
मिलता होगा वो प्रेम कहा
धरती पे तुम्हे जो मिला प्रभु
धोए थे पैर जो केवट ने
नहाते में याद आते होंगे।।
आए थे कभी धरती पर तुम
दिन याद तुम्हे आते होंगे।।
वो कौशल्या दर्शरत का दुलार
वो लखन भारत का प्रेम प्यार।।
सोकर सोने की सेज पे भी
जागते ही याद आते होंगे।।
आए थे कभी धरती पर तुम
दिन याद तुम्हे आते होंगे।।
इंसान तो क्या जानवर वो भी
जो अर्पण होगआय थे तुमको
मार माइट आपकी खातिर
वानर वो याद आते होंगे
वानर वो याद आते होंगे।।
आए थे कभी धरती पर तुम
दिन याद तुम्हे आते होंगे।।
तेरे चर्नो का प्रभु वो जादू
पत्थेर को अहिल्या बना देना।।
धरती पे किए चमत्कार
फ़ुर्सत में याद आते होंगे।।
आए थे कभी धरती पर तुम
दिन याद तुम्हे आते होंगे।।
तेरे चर्नो की राज माथे पर
सुबह शाम जो अपने लगते थे।।
वो सीधे साढ़े भक्त प्रभु
ह्रदय से नही जाते होंगे।।
आए थे कभी धरती पर तुम
दिन याद तुम्हे आते होंगे।।
