लिख दी मैंने अपनी अर्जी
हो ओ ओ ओ…
हे नीलकंठ हे त्रिपुरारी,
मैं तो जन्मों से भटका हूँ, तेरी चौखट हीं मेरी बाड़ी,
अब और कहाँ जाऊं मैं, तू हीं है तारण हारी,
मेरी सुनी पड़ी है नैया, ओ कैलाश के वासी,
हे शिव शंकर हे भोलेनाथ, ओ मेरे नाथ।
लिख दी मैंने अपनी अर्जी, आगे तेरी मर्जी भोले-०२
सुन ले मेरे दिल की धड़कन,, अब ना कर तू देरी भोले-०२
दुनियां के मेलों में देखा, कोई ना मेरा अपना है,
इन झूठे रिश्तो नातों का, टूट गया हर सपना है,
आ आ आ…
आँखों में आंसू भर भर के, मैंने आस तुम्हारी बांधी है,
मेरे अंदर भी दुःख की देखो, चल रही भयंकर आंधी है,
अब थाम ले मेरा हाथ प्रभु,
मैं तेरी शरण में आया हूँ-०२
लिख दी मैंने अपनी अर्जी, आगे तेरी मर्जी भोले-०२
सुन ले मेरे दिल की धड़कन, अब ना कर तू देरी भोले-०२
हो ओ ओ,
अब ना कर तू देरी भोले।
कुछ पुण्य नहीं मेरे खाते में, बस खली झोली लाया हूँ,
जग ने ठुकराया है मुझको, तब तेरे दर पे आया हूँ,
तू जहर गले में रखता है, मेरे दर्दों को भी पी ले तू,
मैं मरा हुआ हूँ अंदर से, मुझे अपने रंग में जी ले तू,
मेरे रोम रोम में बसा है तू,
मैं तेरा हीं कहलाया हूँ-०२
लिख दी मैंने अपनी अर्जी, आगे तेरी मर्जी भोले,
सुन ले मेरे दिल की धड़कन, अब ना कर तू देरी भोले,
लिख दी मैंने मेरी अर्जी, आगे तेरी अर्जी भोले।
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मिट्टी का ये पुतला हूँ मैं, कब सांस की डोरी टूट पड़े,
इस माया के धियारों में, ना किस्मत मुझसे रूठ पड़े,
तू भस्म रमता है तन पर, मेरी चिंताओं को भस्म करो,
मैं बैठा हूँ तेरी चौखट पर, अब मुझपर थोड़ा रहम करो,
बस एक झलक दिखला दे तू,
मैं सबकुछ अपना हारा हूँ-०२
लिख दी मैंने अपनी अर्जी, आगे तेरी मर्जी भोले,
सुन ले मेरे दिल की धड़कन, अब ना कर तू देरी भोले,
लिख दी मैंने अपनी अर्जी, आगे तेरी मर्जी भोले,
हो अब ना कर तू देरी भोले
शिव शंभू, हर हर महादेव,
शिव शंभू देरी ना कर,
देरी ना कर, आगे तेरी मर्जी भोले,
सुन ले मेरे दिल की धड़कन, ॐ नमः शिवाय।
