रब की परछाई

  • Rab Ki Parchhai

ढूंढूं हर ओर मैं तुझको, मेरे साईं,
दर्शन तेरे पाने की लालसा ऐसी,
पा लूँ मैं तुझको अपने हीं अंदर,
राह तूने ऐसी दिखाई, मेरे साईं।

रब की परछाई-०४
साईं तेरे रूप में रब की परछाई-०२
साईं तेरा दूजा नाम है सच्चाई-०२
साईं तेरे रूप में रब की परछाई,
कोई मोह माया नहीं स्वार्थ का साया नहीं,
तेरी नज़रों में अपना पराया नहीं,
चाही तो चाही तूने सबकी भलाई-०२
रब की परछाई-०४
साईं तेरे रूप में रब की परछाई-०२

तेरी मंद मुस्कानों में,
तेरी मंद मुस्कानों में, बड़ा हीं गहरा ज्ञान है,
झोली वाला बाबा तू, सच में महान है-०२
भक्ति की भाषा नहीं, विचारों की दिशा नहीं,
जीवन की आशा नहीं, तेरा वरदान है,
भूले भटके को तूने राह दिखाई-०२
रब की परछाई-०४
साईं तेरे रूप में रब की परछाई-०२

और इस भजन को भी देखें: धीरज रख वो रहमत की बरखा बरसा भी देगा

साईं तेरी आँखों में,
साईं तेरी आँखों में , करुणा बरसती है,
साईं तेरे दर्शन को दुनिया तरसती है-०२
जाने कैसे कहे बिना सुने फरियाद वो,
जैसे तेरा याद हीं, तेरा आशीर्वाद है,
तेरे मेरे रिश्ते की ये अजब भुनाई,
रब की परछाई-०४
साईं तेरे रूप में रब की परछाई-०५
मेरे साईं…
साईं… साईं…
साईं तेरे रूप में रब की परछाई-०५


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