हम दीन जानो को है राघव आधार तुम्हारे चरणों का
हम दीन जानो को है राघव
आधार तुम्हारे चरणों का
मन हो विष पी आजाए अगर
प्रभु प्यार तुम्हारे चर्नो का
हम दीन जानो को है राघव
आधार तुम्हारे चर्नो का
वन पाठ कंटक भी स्वीकार कर के भी
सबरी जटायु के पास गये
संसार भला भूले कैसे
व्योार तूहरे चरणों का
हम दीन जानो को है राघव
आधार तुम्हारे चरणों का
आती दुर्जे विषय विकारो से
वह नही प्रभित होता है
जिसके जीवन में बस जाए
संसार तूहरे चरणों का
हम दीन जानो को है राघव
आधार तुम्हारे चरणों का
पतिशाप से सापित पाशनि
को छूकर जीवन दान दिया
इस मारन करती है उपकार
तुम्हारे चरणों का
हम दीन जानो को है राघव
आधार तुम्हारे चरणों का
निर्बल के बाल निर्धन के धन
आशरण के लिए शरण बनकर
भूभाग हरण हिट होता है
अवतार तुम्हारे चरणों का
हम दीन जानो को है राघव
आधार तुम्हारे चरणों का
सौभाग्य तो देखो केवट का
जब उसके कतोते में आकर
अभिषेक कर रही थी गंगा की धार
तुम्हारे चरणों का
राजेश यही है अभिलाषा
दर्शन पालु चल सफल करू
सफल करू सफल करू
अश्रु समर्पित कर करके
श्रीनगर तुम्हारे चर्नो का
हम दीन जानो को है राघव
आधार तुम्हारे चरणों का



