भगवान सुना गया है संसार की ज़ुबानी
प्रभु प्राण है जगत के
सब जीव उनके प्राणी
भगवान सुना गया है
संसार की ज़ुबानी
है श्याम घन सलोना
आकाश उसकी अलके
सोया हुआ है फिर भी
दोनो खुली है पलके
भीतर है बनके धड़कन
भीतर है बनके धड़कन
बाहर है बन के वाणी
भगवान सुना गया है
संसार की ज़ुबानी
आँखो के सामने वो
छाया प्रकाश बन कर
वह राम रहा है सब में
जीवन की आस बन कर
पलके है जिनका आसान
पलके है जिनका आसान
ये दिल है राजधानी
भगवान सुना गया है
संसार की ज़ुबानी
दो अक्षरो में रही
कितनी भारी है शक्ति
बस राम हो आधार पेर
इतनी ही तो भक्ति
है मुक्ति की औषधि
कहते है संत ज्ञानी
भगवान सुना गया है
संसार की ज़ुबानी
प्रभु प्राण है जगत के
सब जीव उनके प्राणी
भगवान सुना गया है
संसार की ज़ुबानी
प्रभु प्राण है जगत के
सब जीव उनके प्राणी


