अवध में हो रही जय जयकार
अवध में हो रही जय जयकार
देख के राम लाला का मंदिर
जन मन हरषे आपार
अवध में हो रही जय जयकार ॥
शुभ संकल्पो का ये पल है
श्रद्धा और भक्ति का पल है
ज्योत जले जब सत्य धरम की
क्यों न मिते अन्धकार
अवध में हो रही जय जयकार ॥
मंगल नाम अमंगल हारी
लखन सिया संग अवध बिहारी
शीश झुकाये श्री चरणों में
बैठे पवन कुमार
अवध में हो रही जय जयकार ॥
अद्भुत लीला अद्भुत शोभा
ऐसा मंदिर और न होगा
जन मानस क्या देवी देवता
करते यही विचार अवध में
अवध में हो रही जय जयकार ॥
शांत हरी दर्शन की बेला
संतो भक्तो का लगा है मेला
राम लाला की हो
राम लाला की बांकी झांकी
नमन करे संसार अवध में
अवध में हो रही जय जयकार ॥
अवध में हो रही जय जयकार
देख के राम लाला का मंदिर
जन मन हरषे आपार
अवध में हो रही जय जयकार ॥

