संपूर्ण ब्रह्माण्ड है तेरे आँचल में

  • Sampoorna Bramanda Hai Tere Aanchal Mein

ओ ओ ओ ओ.. माँ..
जब दुनिया ने ठुकराया,
जब अपने भी पराये बन गए,
तब मैंने तेरा आँचल थामा माँ,
और जाना कि संपूर्ण ब्रह्माण्ड तेरे चरणों में समाया है।

संपूर्ण ब्रह्माण्ड है तेरे आँचल में,
हर एक सृष्टि तेरी हीं छाया में,
तू हीं जननी तू हीं पालनहार,
तेरी कृपा हरेक माया में,
जब भी गिरा मैं अंधेरों में,
तेरा दीपक बन उजियारा आया,
तेरी ममता के सागर में माँ,
मेरा हर दुःख बहता चला गया,
तेरे चरणों में है सारा जहान,
तेरे बिना कुछ भी नहीं यहाँ,
माँ दुर्गा, माँ दुर्गा, तू हीं मेरी हर एक दुआ,
तेरे आँचल में छुप जाऊं मैं, तेरे नाम में खो जाऊं मैं,
माँ दुर्गा, माँ दुर्गा,
तू हीं मेरी हर एक स्वांस।

और इस भजन से भी आनंदित हों: सर पे हाथ है माँ का

माँ, क्या मैं लायक हूँ तेरी कृपा के?
इतनी गलतियों के बाद भी, क्या तू मुझे अपनाएगी?
तू तो माँ है, तेरा दरबार कभी खाली नहीं जाता !

तेरे नाम का जब जप करता हूँ,
मन का हर भय मिट जाता है,
तेरी शक्ति का जब ध्यान धरूं,
हर बंधन टूट सा जाता है,
तेरे आँखों में करुणा का सागर,
तेरे हाथो में रक्षा की ढाल,
तेरी कृपा से जीवन मेरा,
बन जाए एक पावन मिशाल,
माँ, तेरे चरणों में है सारा जहान,
तेरे बिना कुछ भी नहीं यहाँ,
माँ दुर्गा, माँ दुर्गा, तू हीं मेरी हर एक दुआ,
तेरे आँचल में है सुकून मेरा, तेरे नाम में है जूनून मेरा,
माँ दुर्गा, माँ दुर्गा,
तू हीं मेरी हर एक स्वांस,
जय अम्बे गौरी, जय अम्बे गौरी,
जय अम्बे गौरी, जाती माता दी,
जय माता दी, जय माता दी।

अब समझ आया माँ, मैं कभी अकेला था हीं नहीं,
तू हर पल हर सांस में थी,
बस मैं हीं तुम्हे पहचान न पाया,
संपूर्ण ब्रह्माण्ड है तेरे आँचल में,
मैं भी समां जाऊं तेरी शरण में।

आ आ आ आ आ…
आ आ आ आ आ…


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